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राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में हेरफेर का मामला, जांच के आदेश; CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की चर्चा के बीच अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आए हैं। मामले को गंभीर मानते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों को पूरी गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जांच समिति करेगी पूरे मामले की पड़ताल

मंदिर समिति ने आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। समिति का कहना है कि जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में बदरीनाथ धाम में 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर समिति की सफाई

सोशल मीडिया पर एक कर्मचारी को बीकेटीसी अध्यक्ष का निजी सचिव बताकर कई दावे किए जा रहे हैं। इस पर हेमंत द्विवेदी ने कहा कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है। उन्होंने बताया कि उक्त कर्मचारी पहले भी समिति के तीन अलग-अलग अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। यदि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

भैरव सेना ने उठाए आर्थिक अनियमितताओं के आरोप

भैरव सेना संगठन ने भी इस मामले को लेकर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन रांगड़ को ज्ञापन सौंपा है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में कथित अनियमितताओं और आर्थिक हेराफेरी की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।

हालांकि, संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कथित आर्थिक हेराफेरी किस प्रकार की है और इससे कितनी वित्तीय क्षति हुई है। फिलहाल मंदिर समिति ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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